सुपारी (पाइपर बीटल एल.), पाइपरेसी परिवार का एक बारहमासी लता पौधा है, जिसकी खेती भारत में अनादि काल से इसके पत्तों के लिए की जाती रही है। संस्कृत में ‘तम्बूला’ के नाम से प्रसिद्ध, पान के पत्ते का गहरा सांस्कृतिक, औषधीय और आर्थिक महत्व है। यह पारंपरिक अनुष्ठानों, आतिथ्य और सामाजिक रीति-रिवाजों का एक अभिन्न अंग है, जिसे अक्सर सुपारी और अन्य स्वाद बढ़ाने वाले पदार्थों के साथ ‘पान’ के रूप में चबाया जाता है। चबाने के लिए उपयुक्त, पान के पत्तों में सुगंधित, पाचक, उत्तेजक और वातहर गुण होते हैं।